सिलीगुड़ी, 9 फरवरी (नि.सं.)। फुलबाड़ी स्थित पुलिस बैरक में ट्रेनिंग के लिए आए एक सिविक वॉलंटियर की अस्वाभाविक मौत को लेकर सिलीगुड़ी में सियासी माहौल गरमा गया है। इस घटना के विरोध में विधायक शंकर घोष ने सिलीगुड़ी में धरना-प्रदर्शन किया।
विधायक शंकर घोष ने सिविक वॉलंटियर की मौत के पीछे मानसिक दबाव और अव्यवस्था का आरोप लगाया। सोमवार को वे सिलीगुड़ी कचहरी रोड स्थित गांधी प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठे। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अत्यधिक मानसिक तनाव के कारण यह मौत हुई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि उचित बुनियादी ढांचा और सुविधाएं होती, तो इस मौत को टाला जा सकता था। सिविक वॉलंटियर न्यूनतम मासिक वेतन पर काम करते हैं और बैरक में रहने वाले कई वॉलंटियरों ने अपनी परेशानियों की बात उनके सामने रखी है। विधायक ने बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले की जानकारी नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को भी दी है। साथ ही आश्वासन दिया कि सरकार बनने पर सिविक वॉलंटियरों को उनका पूरा सम्मान और अधिकार दिया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर, सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देव ने कहा कि राज्य सरकार सिविक पुलिस को कई तरह की सुविधाएं दे रही है। इस बजट में भी उनके मानदेय में 1000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। सरकार अपनी क्षमता से अधिक काम कर रही है। सिविक वॉलंटियर की मौत पर उन्होंने गहरा दुख जताया और कहा कि वे मृतक के परिवार से मुलाकात करेंगे।
विधायक के धरना-प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए मेयर ने कहा कि इस विषय पर वे कुछ कहना नहीं चाहते और उम्मीद करते हैं कि विधायक को सद्बुद्धि आए।
