फांसीदेवा, 5 अगस्त (नि.सं.)। फांसीदेवा पंचायत समिति के निर्वाचित जनप्रतिनिधि ही अब विरोध प्रदर्शन पर उतर आए हैं। विभिन्न मांगों को लेकर पंचायत समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों ने बीडीओ कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया।
आरोप है कि बोर्ड गठन के एक महीने बाद भी पंचायत समिति के अध्यक्ष को कार्यालय कक्ष (कमरा) नहीं दिया गया है। इसके अलावा वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया और विकास कार्य भी रोके जाने का आरोप लगाते हुए सदस्यों ने नाराजगी जताई।
पंचायत समिति के उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पंचायत समिति के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बीडीओ पंचायत कानून की अनदेखी कर कामकाज को बाधित कर रहे हैं। उनका कहना है कि पंद्रहवें वित्त आयोग के तहत कई विकास कार्यों के प्रस्ताव भेजे गए, लेकिन उन्हें भी रोक दिया गया है। अध्यक्ष को न तो कमरा दिया गया और न ही वाहन उपलब्ध कराया गया। इस पूरे मामले की जानकारी महकमा शासक (एसडीओ) और अतिरिक्त जिलाधिकारी को दी गई है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अध्यक्ष को वाहन न देकर जॉइंट बीडीओ को नीली बत्ती वाली गाड़ी से लगभग 120 किलोमीटर दूर स्थित घर से लाया-ले जाया जा रहा है। वहीं, जिलाधिकारी ने कहा है कि मामले को महकमा परिषद के एईओ और महकमा शासक को जांच के लिए भेजा गया है।
