सिलीगुड़ी, 22 जुलाई (नि.सं.)। सिलीगुड़ी नगर निगम के वार्ड नंबर 18 के हातिमोड़ स्थित श्री नारायण गोस्वामी गौड़ीय मठ को लेकर बुधवार को भारी तनाव फैल गया।
आरोप है कि मठ प्रबंधन कमेटी की ओर से मठ को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की पहल की गई। इसी दौरान मंदिर में स्थापित देवी-देवताओं की मूर्तियों की नींव खोदकर उन्हें हटाने की कोशिश की गई।
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मठ परिसर में इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा से जुड़े इस मठ और मंदिर को किसी भी हालत में यहां से हटने नहीं दिया जाएगा। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि मठ को हटाकर जमीन बेचने की योजना बनाई जा रही थी।
वहीं, मठ प्रबंधन कमेटी के सदस्यों का कहना है कि लंबे समय से नियमित पूजा-अर्चना के लिए योग्य पुजारी की कमी थी। साथ ही मठ के रखरखाव और धार्मिक गतिविधियों के संचालन के लिए पर्याप्त आर्थिक सहयोग भी नहीं मिल रहा था। इसी वजह से मठ को स्थानांतरित करने का विचार किया गया था।
स्थिति के तनावपूर्ण होते ही सिलीगुड़ी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मठ प्रबंधन और स्थानीय लोगों के साथ लंबी बातचीत कर हालात को नियंत्रण में किया। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की गई।
बाद में मठ प्रबंधन कमेटी ने आश्वासन दिया कि फिलहाल मंदिर या मूर्तियों को कहीं भी नहीं ले जाया जाएगा। इस आश्वासन के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।
