सिलीगुड़ी, 11 अप्रैल (नि.सं.)। सिलीगुड़ी का कावाखाली मैदान एक बार फिर बीजेपी की चुनावी रणनीति का केंद्र बन गया है। पार्टी के अनुसार, यह मैदान उनके लिए “लकी” साबित होता रहा है। यहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा जीत का संकेत मानी जाती है। इसी विश्वास के साथ प्रधानमंत्री कल सिलीगुड़ी के कावाखाली मैदान में जनसभा करने आ रहे है।
पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में इस मैदान से हुई मोदी की सभाओं का असर साफ देखने को मिला था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कावाखाली मैदान बीजेपी के लिए एक तरह का “ट्रंप कार्ड” बन चुका है। पार्टी के आंकड़ों के अनुसार, यहां मोदी की रैली होने से उत्तर बंगाल की कई सीटों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
2024 के लोकसभा चुनाव के बाद अब आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए उत्तर बंगाल की सभी सीटों के लिए रणनीति तय करने और कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए यह सभा बेहद अहम मानी जा रही है।
कावाखाली मैदान में सभा की तैयारियां जोरों पर है। बीजेपी के कई शीर्ष नेता पहले ही सिलीगुड़ी पहुंच चुके है। वहीं, प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर सिलीगुड़ी मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए है। शहर के विभिन्न इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि कोई भी चूक न हो। नौकाघाट से बागडोगरा तक ट्रैफिक व्यवस्था में भी बदलाव किए गए है, जिससे कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
इतिहास बताता है कि 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में इसी मैदान से मोदी ने दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी सीटों के लिए प्रचार किया था। इसके बाद राजू बिष्ट ने दार्जिलिंग में रिकॉर्ड जीत हासिल की और जयंत कुमार राय ने जलपाईगुड़ी में बड़ी जीत दर्ज की।
सिर्फ लोकसभा ही नहीं, 2022 के विधानसभा चुनाव में भी इस मैदान पर हुई मोदी की सभा के बाद राजनीतिक समीकरण बदले थे, जहां शंकर घोष ने जीत हासिल की। इसी वजह से एक बार फिर इस मैदान को सभा के लिए चुना गया है। बीजेपी का मानना है कि यह स्थान उनके लिए शुभ है और प्रधानमंत्री भी इसे खास पसंद करते है।
