सिलीगुड़ी, 07 अगस्त (नि.सं.)। न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण परियोजना को लेकर रेलवे प्रशासन ने हॉकरों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी के विरोध में और पुनर्वास की मांग को लेकर शुक्रवार को सिलीगुड़ी के विधायक शंकर घोष के कार्यालय तथा डाबग्राम-फुलबाड़ी की विधायक शिखा चटर्जी के घर सैकड़ों हॉकर पहुंचे।
हॉकरों का आरोप है कि वे लंबे समय से स्टेशन परिसर में व्यवसाय कर अपनी आजीविका चला रहे थे, लेकिन अचानक उन्हें हटाया जा रहा है। आरपीएफ द्वारा उन्हें व्यवसाय करने से रोका जा रहा है और रोजाना जुर्माना भी लगाया जा रहा है। इससे कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
हॉकरों का कहना है कि उन्हें एनजेपी स्टेशन के विकास या आधुनिकीकरण से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर उनकी आजीविका छीनना उचित नहीं है। वर्षों से स्टेशन के आसपास व्यवसाय कर कई परिवार पूरी तरह इस पर निर्भर हो गए हैं। वर्तमान स्थिति में व्यवसाय न कर पाने के कारण घर चलाना भी मुश्किल हो गया है और आरपीएफ की कार्रवाई के कारण रोजाना भय का माहौल बना हुआ है।
इस दिन सैकड़ों हॉकर पहले सिलीगुड़ी के विधायक शंकर घोष के कार्यालय पहुंचे और उसके बाद डाबग्राम-फुलबाड़ी की विधायक शिखा चटर्जी के घर भी गए। हालांकि, उस दिन दोनों में से कोई भी विधायक मौजूद नहीं थे, जिससे उनकी सीधी मुलाकात नहीं हो सकी। फिर भी हॉकरों ने विधायकों के प्रतिनिधियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में वे फिर से विधायकों से मुलाकात कर अपनी मांगों को रखेंगे और रेलवे प्रशासन के समक्ष पुनर्वास की मांग को और मजबूत करेंगे।
दूसरी ओर, इस मुद्दे पर डाबग्राम-फुलबाड़ी की विधायक शिखा चटर्जी ने कहा, “यदि एनजेपी स्टेशन के आधुनिकीकरण कार्य के कारण हॉकरों को समस्या हो रही है तो हम इस विषय को गंभीरता से देखेंगे। रेलवे प्रशासन से बातचीत कर हाकरों के पुनर्वास के लिए कोई व्यवस्था संभव है या नहीं, इसकी जांच की जाएगी।”
