राजगंज, 03 अगस्त (नि.सं.)। सड़क नहीं, जल निकासी नहीं—बुनियादी ढांचे की कमी से राजगंज ब्लॉक का आमबाड़ी फालाकाटा बालिका विद्यालय जूझ रहा है
आमबाड़ी-फालाकाटा इलाके की लंबे समय से मांग थी कि यहां एक अलग बालिका विद्यालय बनाया जाए। आखिरकार कुछ साल पहले यह मांग पूरी हुई। लंबे समय तक आमबाड़ी-फालाकाटा चिंतामोहन उच्च विद्यालय में ही बालिका विद्यालय की पढ़ाई चलने के बाद करीब दो साल पहले विद्यालय की अपनी नई इमारत तैयार हुई। नई इमारत में पढ़ाई शुरू होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बरसात शुरू होते ही स्कूल आने-जाने में दिक्कतें बढ़ जाती हैं। विद्यालय तक पहुंचने के लिए कोई निर्धारित सड़क नहीं होने के कारण छात्राओं को घुमावदार रास्ते से आना पड़ता है। उस रास्ते पर भी घुटनों तक पानी भरा रहता है। स्थिति को संभालने के लिए शिक्षिकाओं ने खुद पहल कर मैदान पर पत्थर और बालू डालकर किसी तरह चलने लायक रास्ता बनाया है, लेकिन इससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
इसके साथ ही आसपास घनी झाड़ियां भी हैं। आरोप है कि स्कूल के दौरान अक्सर सांप अंदर घुस आते हैं, जिससे छात्राओं में डर का माहौल बना हुआ है। दूसरी ओर, विद्यालय के चारों ओर कोई बाउंड्री वॉल नहीं होने के कारण स्कूल की सामग्री चोरी होने की शिकायत भी सामने आई है।
छात्राओं का कहना है कि स्कूल के लिए सबसे जरूरी एक अच्छी सड़क है। सड़क नहीं होने की वजह से उन्हें रोजाना स्कूल आने में भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।
विद्यालय की शिक्षिका प्रीति साहा ने बताया कि स्कूल की मौजूदा स्थिति बेहद खराब है। यहां आने के लिए कोई उचित रास्ता नहीं है। जो रास्ता है, वह बरसात के समय घुटनों तक पानी में डूब जाता है। रोजाना सांप स्कूल में घुस आते हैं। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द झाड़ियों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था करना बेहद जरूरी है।
इलाके के समाजसेवी बीरेन सरकार ने कहा कि बिना किसी बुनियादी ढांचे के ही स्कूल भवन बना दिया गया है। स्कूल तक पहुंचने के लिए सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। उचित जल निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी जमा होकर पूरे इलाके को तालाब जैसा बना देता है। इससे छात्राओं को हर दिन गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर पहले ही विभिन्न जगहों पर जानकारी दी जा चुकी है।
