बागडोगरा,10 मार्च (नि.सं.)। 22 दिनों की लड़ाई के बाद आखिरकार एक हस्ति शावक की मौत हो गई। बागडोगरा जंगल में इलाज के दौरान हस्ति शावक की मौत हो गयी। 6 साल की मादा हस्ति शावक पैर में संक्रमण के साथ घूम रही थी।
हाथी पर नजर पड़ते ही उसके खून की जांच की गई। थी ट्रिपैनोसोमा से संक्रमित है। बागडोगरा बैगडुबी सेना छावनी में हथिनी की कुछ दिनों तक चिकित्सा चलने के बाद थाईलैंड की एक विशेष प्रशिक्षण टीम द्वारा किया जा रहा था। काफी दिनों तक चले इलाज के बाद हथिनी की मौत हो गई। इस घटना से वनकर्मियों में शोक छाया हुआ है। डीएफओ देबेश पांडे ने कहा कि हथिनी की मौत ट्रिपैनोसोमा बीमारी के कारण हुई है।
