सिलीगुड़ी, 2 जून (नि.सं.)। महिलाओं के लिए शुरू की गई मुफ्त बस सेवा को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। सरकारी पहल से शुरू हुई इस सेवा से महिलाएं खुश हैं, लेकिन कुछ निजी बस संचालकों पर गंभीर आरोप लगे हैं।
आरोप है कि जहां सरकारी बसों पर ‘NBSTC’ लिखा होता है, वहीं कुछ निजी बसों में ‘NBST’ नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है और उन्हें सरकारी बसों की तरह ही रंगा गया है। इससे आम यात्री आसानी से भ्रमित हो रहे हैं। कई महिला यात्री इन बसों को सरकारी समझ कर चढ़ रही हैं, जिसके बाद उनसे किराया वसूला जा रहा है।
इस घटना के विरोध में मंगलवार को बंगीय हिंदू महामंच के सदस्यों ने सिलीगुड़ी आरटीओ कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। उनकी मांग है कि इस तरह की धोखाधड़ी तुरंत बंद की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
संगठन की ओर से कहा गया है कि आम लोगों के साथ इस तरह की ठगी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन जल्द हस्तक्षेप कर इस समस्या का समाधान करेगा।
