सिलीगुड़ी, 09 अगस्त (नि.सं.)। ‘सीधे शंकर’ कार्यक्रम में जमीन कब्जे को लेकर बीजेपी नेता नांटू पाल के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए हैं। वार्ड नंबर 29 के देशबंधुपाड़ा इलाके की निवासी दीपान्विता पाल ने मंत्री शंकर घोष के पास शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।
दीपान्विता पाल के अनुसार, हिलकार्ट रोड स्थित रजनी बागान इलाके में उनकी एक जमीन है, जिसमें कुल सात वारिस हैं। उनका दावा है कि वर्ष 1999 में नांटू पाल की मां के साथ उस जमीन की बिक्री को लेकर एक एग्रीमेंट हुआ था, लेकिन बाद में जमीन की रजिस्ट्री पूरी नहीं हुई। लंबे समय बाद अब उस जमीन को लेकर फिर से विवाद खड़ा हो गया है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नांटू पाल ने उनके खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है और जमीन पर ताला लगा दिया गया है। उनका कहना है कि 1999 के उस एग्रीमेंट के बारे में वर्तमान वारिसों में से कई लोग पूरी जानकारी नहीं रखते है। थाने में शिकायत दर्ज कराने के दौरान उन्हें उल्टे सवालों का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने मंत्री शंकर घोष से मदद की गुहार लगाई।
वहीं, बीजेपी नेता नांटू पाल ने इन आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि विवादित जमीन उनकी मां की पैतृक संपत्ति है और उस पर पहले से एक एग्रीमेंट मौजूद है। उन्होंने दावा किया कि वे उस जमीन को उचित मूल्य देकर खरीदना चाहते थे। लंबे समय से इस मामले पर संबंधित पक्षों के साथ बातचीत चल रही है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया।
इस पूरे मामले पर मंत्री शंकर घोष ने कहा कि उन्होंने लिखित शिकायत देने को कहा है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो पार्टी इस पर उचित निर्णय लेगी।
