सिलीगुड़ी,17 जुलाई (नि.सं.)। एक बार फिर सिलीगुड़ी को अलग जिला घोषित करने की मांग तेज हो गई है। “वृहत्तर सिलीगुड़ी नागरिक मंच” ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाते हुए सिलीगुड़ी में मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट शुरू करने की भी मांग की है। शुक्रवार को आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में संगठन के नेताओं ने इन दोनों मांगों को सामने रखते हुए बड़े आंदोलन का संकेत दिया।
संगठन के सचिव रतन बनिक ने बताया कि सिलीगुड़ी को अलग जिला बनाने की मांग नई नहीं है। वर्ष 2012 से ही विभिन्न स्तरों पर आवेदन, ज्ञापन और हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से यह मांग उठाई जा रही है। उनका आरोप है कि पिछली सरकार के समय भी कई बार ज्ञापन देने के बावजूद कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया।
संगठन की मांग है कि सिलीगुड़ी महकमा, डाबग्राम-फूलबाड़ी क्षेत्र के बिन्नागुड़ी मौजा, भक्तिनगर थाना और एनजेपी थाना क्षेत्र को मिलाकर एक अलग सिलीगुड़ी जिला बनाया जाए। उनका कहना है कि उत्तर बंगाल के प्रवेश द्वार के रूप में सिलीगुड़ी का महत्व लगातार बढ़ रहा है और प्रशासनिक दबाव भी बढ़ चुका है। ऐसे में आम लोगों की सुविधा के लिए अलग जिला और मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट बेहद जरूरी है।
इस मांग को लेकर संगठन ने 20 जुलाई को शाम 4 बजे सिलीगुड़ी के रामकिंकर हॉल में एक नागरिक सभा आयोजित करने का ऐलान किया है। इस बैठक में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग, बुद्धिजीवी और संगठन के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सभा में पारित प्रस्ताव को राज्य के मुख्यमंत्री, उत्तर बंगाल विकास मंत्री, स्थानीय विधायक और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को भेजा जाएगा।
