रिश्वत मामले में सेंट्रल एक्साइज अधीक्षक को 4 साल की सजा, CBI कोर्ट का 10 साल बाद फैसला

सिलीगुड़ी, 27 फरवरी(नि.सं)।  सिलीगुड़ी की विशेष केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) अदालत ने 30 हजार रुपये रिश्वत मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए सेंट्रल एक्साइज अधीक्षक अचिंत्य कुमार प्रमाणिक को दोषी करार दिया है। करीब 10 वर्षों तक चले मुकदमे के बाद अदालत ने आरोपी को 4 साल के सश्रम कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।


यह मामला वर्ष 2015 का है। अदालत सूत्रों के अनुसार, कूचबिहार जिले के एक कारखाना मालिक धनंजय दास ने सेंट्रल एक्साइज अधीक्षक अचिंत्य कुमार प्रमाणिक पर एक लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत के आधार पर CBI ने ट्रैप की योजना बनाई। तय योजना के तहत कारखाना मालिक ने एक लाख रुपये की मांग के बदले 60 हजार रुपये देने पर सहमति जताई। इसी दौरान 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते समय CBI टीम ने आरोपी अधिकारी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।


मामले की सुनवाई सिलीगुड़ी स्थित विशेष CBI कोर्ट में चली। लंबी सुनवाई और बरामद राशि सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अचिंत्य कुमार प्रमाणिक को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 एवं 13(2) सहपठित 13(1)(d) के तहत दोषी ठहराया।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि लोक सेवकों द्वारा किया गया भ्रष्टाचार समाज और न्याय व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव डालता है, इसलिए ऐसे मामलों में नरमी नहीं बरती जा सकती।

कोर्ट ने दोषी को 4 वर्ष के सश्रम कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माना अदा करने का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी को फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करने का अधिकार प्राप्त है।

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