हाथी की मौत को रोकने के लिए किया जाएगा नई तकनीक का इस्तेमाल, परियोजना पर जल्द ही शुरू होगा काम

चापरामारी, 5 जनवरी नि.सं.)। डुआर्स के जंगल में हाथी की मौत को रोकने के लिए रेलवे विभाग एक नई तकनीक का इस्तेमाल करने जा रहा है। हाथी की मौत को रोकने के लिए रेलवे विभाग रेलवे लाइन पर सेंसर लगाने जा रहा है।आज चापरामारी में रेलवे और वन विभाग के उच्च अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया।


बताया गया है कि इस परियोजना पर काम अगले वित्तीय वर्ष के भीतर शुरू हो जाएगा।वन्यजीव विशेषकर हाथियों के लिए डुआर्स के अलीपुरद्वार से सिलीगुड़ीगामी रेलवे लाइन काल बन गया है। 2013 में इस रेलवे लाइन पर ट्रेन की चपेट में आने से सात हाथियों की मौत हुई थी।इसके अलावा तथ्य के अनुसार इस रेलवे पर हर साल लगभग 30-40 जंगली जानवरों की मौत होती है।

लंबे समय से विभिन्न स्वयंसेवी संगठन से लेकर परिवेशप्रेमी मांग करते आ रहे थे कि वन विभाग या रेलवे को इस तरह से जंगली जानवरों की मौत को रोकने के लिए पहल करनी चाहिए।अंत में आज चापरामारी में राज्य वन विभाग के चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन विनोद कुमार यादव,पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे महाप्रबंधक अनसुल गुप्त, अलीपुरद्वार डिवीजन के डिवीजनल रेलवे मैनेजर केएस जैन, वनविभाग केे नॉर्दर्न सर्कल मुख्यवनपाल राजेंद्र जाखर, समेत अन्य अधिकारी के साथ एक बैठक की गयी।


रेलवे अलीपुरद्वार डिवीजन के डिवीजनल रेलवे मैनेजर केएस जैन ने कहा कि सेंसर मूल रूप से ऑप्टिक फाइबर के साथ काम करेगा।अगर कोई जंगली जानवर ट्रेन के चलने के दौरान रेलवे ट्रैक पर आ जाता है तो ट्रेन चालक तक इसका संदेश पहुंच जाएगा।इसके चलते चालक ट्रेन की गति को कम कर पायेंगे। इससे समय और कर्मचारियों संख्या दोनों ही बचेगा।

राज्य वन विभाग के चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन विनोद कुमार यादव ने कहा कि इस बैठक में सकारात्मक चर्चा हुई है। दोनों पक्ष बातचीत से संतुष्ट हैं। यदि सब कुछ ठीक रहा तो अगले वित्तीय वर्ष में इस परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा।

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