सिलीगुड़ी, 19 अगस्त (नि.सं.)। तारापीठ और कोलकाता के होटलों में हालिया आगजनी की घटनाओं के बाद सिलीगुड़ी में भी होटल व्यवसाय को लेकर कई अनियमितताएं सामने आई हैं। सिलीगुड़ी जंक्शन इलाके में सड़क किनारे बने खाने की दुकानों के पीछे कथित तौर पर अवैध रूप से कई होटल संचालित किए जा रहे हैं, जहां न्यूनतम अग्निशमन व्यवस्था भी मौजूद नहीं होने का आरोप है।
हालिया होटल अग्निकांड के बाद अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि सड़क किनारे वैध खाने की दुकानों के पीछे 5 से 10 कमरों वाले कई होटल बनाए गए हैं। इनका निर्माण कथित तौर पर रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से किया गया है।
बताया जा रहा है कि इनमें से अधिकांश होटलों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में किसी दुर्घटना की स्थिति में हालात से कैसे निपटा जाएगा, इसे लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
इस संबंध में सिलीगुड़ी होटलियर्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव उज्ज्वल घोष ने कहा कि वे लंबे समय से इन प्रतिष्ठानों को अवैध होटल बताते आ रहे हैं। उनका आरोप है कि प्रशासन के एक वर्ग की मिलीभगत से इस तरह के होटल चल रहे हैं। उन्होंने सरकार से जल्द जिम्मेदारी लेते हुए इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
