जलपाईगुड़ी, 18 अगस्त (नि.सं.)। परंपरा और रीति-रिवाजों के अनुसार जलपाईगुड़ी के राजबाड़ी में मनसा पूजा का आयोजन किया गया। जलपाईगुड़ी के बैकुंठपुर राजबाड़ी की ऐतिहासिक मनसा पूजा इस वर्ष 517वें वर्ष में प्रवेश कर गई है।
नियमों के अनुसार मंगलवार सुबह से पूजा शुरू हुई है। इसके साथ ही विषहरी गीत के आयोजन की भी तैयारी की गई है। राजपरिवार के सदस्यों की मौजूदगी में पूजा-अर्चना संपन्न हो रही है। पूजा को लेकर सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ राजबाड़ी में उमड़ी है।
राजबाड़ी की मनसा पूजा के अवसर पर लगने वाला मेला आपसी मिलन और सामाजिक समागम का केंद्र रहा है। एक समय यह मेला करीब एक महीने तक चलता था और राज्य के विभिन्न जिलों के अलावा असम से भी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते थे।
राजपुरोहित ने बताया कि मनसा पूजा में किसी तरह की कमी नहीं रखी जा रही है और सुबह से ही विधि-विधान के साथ पूजा शुरू हो गई है। जलपाईगुड़ी समेत विभिन्न इलाकों से दूर-दराज के श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे हैं। पूजा के साथ 24 अगस्त तक मेले का आयोजन किया गया है। पूजा के बाद विषहरी गीत का भी आयोजन होगा।
