सिलीगुड़ी,15 जुलाई (नि.सं.)। लंबे समय से चल रही कानूनी जटिलताओं और प्रशासनिक खींचतान के बाद राज्य सरकार ने इको-सेंसिटिव ज़ोन (ईएसजेड) को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य के वन मंत्री मनोज उरांव ने घोषणा की है कि अब ईएसजेड का दायरा 5 किलोमीटर से घटाकर 1 किलोमीटर कर दिया जाएगा।
बुधवार को सिलीगुड़ी स्टेट गेस्ट हाउस में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद इस निर्णय की जानकारी दी गई। बैठक में दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट, पर्यटन मंत्री शंकर घोष, परिवहन व वित्त राज्य मंत्री आनंदमय बर्मन, डाबग्राम-फुलबाड़ी की विधायक शिखा चटर्जी समेत वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।बैठक में जंगल से सटे इलाकों के विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया गया। लंबे समय से पहाड़ और तराई क्षेत्र के लोग ईएसजेड के बड़े दायरे के कारण विकास कार्यों में आ रही बाधाओं से परेशान थे, ऐसे में इस फैसले को अहम माना जा रहा है।
पहले ग्रीन ट्रिब्यूनल के दिशा-निर्देशों के तहत अभयारण्यों के चारों ओर 5 किमी तक का क्षेत्र ईएसजेड घोषित था, जिससे निर्माण, सड़क और अन्य विकास कार्य लगभग ठप हो गए थे।वन मंत्री मनोज उरांव ने बताया कि जल्द ही इसका ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, जिसके बाद अंतिम रूप से इसे लागू किया जाएगा। साथ ही उन्होंने वन विभाग में भर्ती से लेकर हर स्तर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने की बात भी कही।
