पानी के अभाव में फटने लगी खेतों की जमीन, शालगुड़ी गांव के किसानों की बढ़ी चिंता

राजगंज, 5 अगस्त (नि.सं.)।समय पर पानी नहीं मिलने का असर अब खेतों में लगाये गये धान की फसलों पर नजर आने लगा है। धान की बुवाई के दौरान बारिश हुई थी, लेकिन इसके बाद लगातार मौसम की बेरूखी झेल रहे किसानों की परेशानी खेतों के बीच लगातार आ रहे दरारों को देख कर बढ़ गयी है।


दरअसल, जिले मे अभी तक पर्याप्त बारिश नहीं हो पाई है। जिले में हो रही कम बारिश ने राजगंज के शालगुड़ी गांव के किसानों के लिये चिंता खड़ी कर दी है। किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि सिंचाई विभाग में आवेदन करने के बाद भी उन्हें पानी नहीं मिल रहा है। राजगंज ब्लॉक के अन्य स्थानों की तरह शालगुड़ी गांव के किसान भी धान की खेती के लिए तीस्ता सिंचाई नहर के पानी पर निर्भर हैं।

शालगुड़ी गांव के किसानों ने कहा कि इलाके में एक हजार बीघा से अधिक भूमि में अमन धान की खेती की गयी है। अधिक लाभ की आशा में कृषि विभाग की सलाह पर निर्धारित धान की खेती की गई है। आरोप है कि धान के पौधे लगाने के बाद सिंचाई नहर से पानी नहीं दिया जा रहा है।


जिससे खेती की जमीन फट रही है। सिंचाई विभाग में आवेदन करने के बाद भी पानी नहीं दिया जा रहा है। पानी के अभाव में धान के पौधे मर रहे है। उन्होंने कहा यदि धान की पसल अच्छी नहीं हुई तो उनके लिए परिवार चलना बेहद मुश्किल होगा।

वहीं, इस संबंध में करोतोया तालमा बैराज सब डिवीजन के इंजीनियर शैवाल पाइन ने हमारे संवाददाता को फोन पर बताया कि किसान पानी की मांग में कार्यालय में आये थे।  सिंचाई नहर में पानी छोड़ा गया तो अन्य फसलों को नुकसान होगा या नहीं इस बारे में कृषि विभाग पत्र में इसकी जानकारी देता है तो पानी छोड़ने की व्यवस्था की जाएगी।

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