सिलीगुड़ी में ‘पेरिनेटल ब्रिलियंस’ सम्मेलन का सफल आयोजन   

सिलीगुड़ी, 21 जून (नि.सं.)। पेम पर्ल अस्पताल और नियोनेटोलॉजी सोसाइटी ऑफ वेस्ट बंगाल के संयुक्त पहल पर दो दिवसीय ‘पेरिनेटल ब्रिलियंस’ सम्मेलन आयोजित किया गया।पश्चिम बंगाल मेडिकल काउंसिल द्वारा अनुमोदित इस सम्मेलन में गायनेकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन और नियोनेटोलॉजिस्ट को एक मंच पर लाकर मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं के समन्वित विकास पर विशेष जोर दिया गया।इस सम्मेलन में देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर के ख्याति प्राप्त विशेषज्ञों ने भाग लिया। इनमें एम्स के प्रमुख नवजात विशेषज्ञ डॉ. ए. के. देवरारी, डॉ. अरुण सिंह, डॉ. निर्जा भाटला तथा यूरोप के विभिन्न देशों के विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल थे। उन्होंने मातृ एवं नवजात देखभाल की आधुनिक पद्धतियों, उच्च जोखिम गर्भावस्था प्रबंधन, जन्मपूर्व और जन्मोत्तर उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं पर महत्वपूर्ण चर्चा की।कार्यक्रम के दौरान विभिन्न वैज्ञानिक सत्र, पैनल चर्चा और इंटरैक्टिव कार्यशालाओं के माध्यम से चिकित्सकों के बीच ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान हुआ।विशेषज्ञों के अनुसार, यदि गायनेकोलॉजिस्ट और बाल रोग विशेषज्ञों के बीच अधिक समन्वय स्थापित किया जाए, तो मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी, जटिल प्रसव प्रबंधन में सुधार और नवजात स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सकारात्मक प्रभाव देखा जा सकता है।आयोजकों ने बताया कि “Safe Mother, Healthy Baby” के मूल मंत्र के साथ ‘पेरिनेटल ब्रिलियंस’ केवल एक वैज्ञानिक सम्मेलन नहीं, बल्कि मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई सोच स्थापित करने का प्रयास है। यह पहल उत्तर बंगाल सहित पूरे क्षेत्र में पेरिनेटल केयर के स्तर को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।सम्मेलन के प्रमुख आयोजकों में से एक और चीफ ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. प्रिंस पारेख ने कहा कि वर्तमान समय में मां और नवजात के स्वास्थ्य को अलग-अलग देखने के बजाय एक समग्र इकाई के रूप में समझना बेहद जरूरी है। इसी सोच के तहत ‘नियोनेटोलॉजी’ से ‘पेरिनेटोलॉजी’ की ओर बढ़ने की पहल की गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Built with ❤︎ by appycodes