राजवंशी समुदाय के शोधकर्ता डाॅक्टर धर्मनारायण वर्मा को पद्मश्री सम्मान से किया गया सम्मानित

कूचबिहार, 26 जनवरी (नि.सं.)। उत्तर बंगाल के डाॅक्टर धर्मनारायण वर्मा को पद्मश्री से सम्मानित किया गया।डाॅक्टर धर्मनारायण वर्मा कूचबिहार जिले के तूफानगंज 2 ब्लॉक अंतर्गत बारोकोदाली 1 नंबर ग्राम पंचायत के हरिपुर गांव के निवासी है।


उनका जन्म 10 नवंबर 1935 को हुआ था।उन्होंने 1951 में तूफानगंज नृपेन्द्र नारायण मेमोरियल हाई इंग्लिश स्कूल से मैट्रिकुलेशन पास किया।इसके बाद उन्होंने कूचबिहार विक्टोरिया कॉलेज जो वतर्मान में कूचबिहार एबीएन शील काॅलेज के नाम से जाने वाले से आई ए और बीए पास किया। उन्होंने 1959 में कोलकाता विश्वविद्यालय से संस्कृत में एमए किया।

इसके बाद कुछ समय वहां पढ़ाने के बाद वह तूफानगंज लौट आए।तूफानगंज में आने के बाद उन्होंने कामतपुरी भाषा में शोध करना शुरू कर दिया।भाषा अनुसंधान के साथ उनका परिचय बढ़ता गया।डाॅक्टर धर्मनारायण वर्मा ने एक शोधकर्ता और लेखक के रूप में काफी प्रतिष्ठा हासिल की। ​​उनकी पहली पुस्तक महाराजा नरनारायण थी।उत्तर के राजबंग्शी समुदाय से लेकर उत्तर बंगाल के सभी लोग उनके पद्म श्री से सम्मानित होने से खुश हैं।


आज सुबह से ही उन्हें संबर्द्धना देने के लिए उनके घर पर लोगों का जमावड़ा लग रहा है। हालांकि, उनका उम्र ज्यादा होने के कारण फिलहाल बीमार हैं।उन्होंने कहा मैं यह सम्मान पाकर बहुत खुश हूं। मैं अपनी संस्कृति को जीवित रखने के लिए आगे आया था।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.