सिलीगुड़ी, 14 जुलाई: दुष्कर्म मामलों में सरकार द्वारा घोषित मुआवजे की राशि उत्तर बंगाल की दो पीड़िताओं के परिवारों तक अब तक नहीं पहुंचने का मामला सामने आया है। इस पर ‘निर्भया दीदी’ के नाम से जानी जाने वाली पूर्व विधायक श्रीरूपा मित्रा चौधरी ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।
मंगलवार को सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट्स क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्रीरूपा मित्रा चौधरी ने बताया कि दार्जिलिंग जिले के दुर्गापुर चाय बागान की एक पीड़िता के परिवार के लिए घोषित 10 लाख रुपये और जलपाईगुड़ी की एक नाबालिग पीड़िता के परिवार के लिए घोषित 2 लाख रुपये अब तक उन्हें नहीं मिले हैं।
उन्होंने कहा कि मुआवजे की राशि कहां गई और किन लोगों ने इसे लिया, इसकी जांच जरूरी है। साथ ही, उन्होंने दोनों मामलों की फाइल दोबारा खोलने की मांग की
