सिलीगुड़ी कोर्ट का बड़ा फैसला: 16 साल पुराने जाली नोट मामले में आरोपी दोषी करार, 8 साल की सजा

सिलीगुड़ी, 16 अप्रैल (नि.सं.)। एडीजे-2 कोर्ट ने 16 साल पुराने जाली नोट मामले में अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को दो अलग-अलग धाराओं में 5 साल और 3 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
जानकारी के अनुसार, 23 अप्रैल 2010 को माटीगाड़ा थाना पुलिस ने शिव मंदिर इलाके से हरिश्चंद्र राय को 1000 रुपये के तीन जाली नोट के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपी पर आरोप था कि वह बाजार में जाली नोट से खरीदारी करने की कोशिश कर रहा था।
बताया गया कि शिव मंदिर की एक मिठाई दुकान में भुगतान के दौरान दुकानदार को नोट पर शक हुआ। जांच करने पर नोट जाली पाए गए, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी और आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
इस मामले की जांच पुलिस अधिकारी दीपांजन दास ने की और चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट में 6 गवाहों की गवाही और साक्ष्यों के आधार पर एडीजे-2 कोर्ट ने आरोपी को दोषी पाया।फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश ने आरोपी को 5 साल और 3 साल की सजा सुनाई। 
सरकारी वकील अमिताभ मुखर्जी ने बताया कि केवल 3 जाली नोट के आधार पर यह मामला चला। 16 साल की लंबी सुनवाई के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला आया है। अदालत के इस फैसले को जाली नोट के मामलों में सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।


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