सिलीगुड़ी,16 जुलाई (नि.सं.)। सिलीगुड़ी की पारंपरिक मित्र सम्मिलनी दुर्गा पूजा इस वर्ष अपने 100वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। रथयात्रा के पावन अवसर पर काठामो पूजा के साथ पूजा की तैयारियों की औपचारिक शुरुआत हो गई।
सिलीगुड़ी की यह ऐतिहासिक दुर्गा पूजा आज भी शहर की समृद्ध परंपरा और संस्कृति को संजोए हुए है। पुराने समय की विरासत और आधुनिकता का सुंदर संगम इस पूजा की खास पहचान है।
इस अवसर पर मित्र सम्मिलनी के सचिव सौरभ भट्टाचार्य ने बताया कि यह दुर्गा पूजा केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि सिलीगुड़ी की पहचान और इतिहास से गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष पूजा अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर रही है और मुख्य थीम में उस दौर के सिलीगुड़ी को दर्शाया जाएगा, जब शहर की आबादी मात्र तीन हजार थी। उस समय की जीवनशैली, संस्कृति और इतिहास को पंडाल में जीवंत रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। शताब्दी वर्ष के इस विशेष आयोजन को लेकर सिलीगुड़ी वासियों में पहले से ही काफी उत्साह और उत्सुकता देखी जा रही है।
