सिलीगुड़ी, 28 अगस्त (नि.सं.)। बंगालियों के सबसे बड़े त्योहार दुर्गा पूजा में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। सिलीगुड़ी में विभिन्न पूजा समितियों ने जोर-शोर से तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार शक्तिगढ़ सार्वजनिक दुर्गोत्सव पूजा कमेटी अपनी 75वीं वर्षगांठ पर खास आकर्षण के साथ सामने आने जा रही है। इस वर्ष पूजा की थीम ‘उत्तरेश्वर’ रखी गई है।
खूंटी पूजा के बाद से ही पूजा मंडप के निर्माण का काम शुरू हो गया है। शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पूजा कमेटी की ओर से इस वर्ष की खास तैयारियों और आकर्षणों की जानकारी दी गई।
पूजा कमेटी के सदस्यों ने बताया कि इस बार मंडप को राजस्थान की ऐतिहासिक वास्तुकला के प्रसिद्ध नमूने हवा महल की तर्ज पर सजाया जा रहा है। मंडप की निर्माण शैली में राजस्थान की वास्तुकला और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। इस पंडाल को सिलीगुड़ी के कलाकार बापन घोष तैयार कर रहे हैं। इससे शहरवासियों और पर्यटकों को सिलीगुड़ी में ही राजस्थान की पारंपरिक वास्तुकला की झलक देखने का मौका मिलेगा।
हालांकि, इस बार केवल पंडाल ही आकर्षण का केंद्र नहीं होगा। पूजा का एक बड़ा आकर्षण लेजर शो भी रहेगा। पूजा कमेटी का दावा है कि उत्तर बंगाल में पहली बार पूजा मंडप के बाहर विशेष लेजर शो का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए विशेष तकनीक और उपकरण मुंबई से मंगाए जाएंगे।
पूजा कमेटी के सचिव रथीन दे ने बताया कि मंडप के बाहर करीब पांच मिनट का विशेष लेजर शो प्रदर्शित किया जाएगा। 75वीं वर्षगांठ होने के कारण इस बार पूजा को लेकर कमेटी के सदस्यों में खास उत्साह है।
आयोजकों को उम्मीद है कि इस अनोखे पंडाल और उत्तर बंगाल में पहली बार आयोजित होने वाले लेजर शो को देखने के लिए सिलीगुड़ी के साथ आसपास के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचेंगे।
