कर्सियांग, 13 अगस्त (नि.सं.)। नेताजी सुभाष चंद्र बोस सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि भारतवासियों के लिए भावनाओं, गर्व और स्वतंत्रता संग्राम के एक अविस्मरणीय अध्याय का प्रतीक हैं। नेताजी को लेकर ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए, जिससे आम लोगों की भावनाएं आहत हों। कर्सियांग के गिद्दापहाड़ स्थित नेताजी म्यूजियम का दौरा करने के दौरान विधानसभा स्पीकर रथींद्र बोस ने यह संदेश दिया।
इस दौरान विधानसभा स्पीकर ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मृति म्यूजियम को और अधिक आधुनिक एवं आकर्षक बनाने के लिए महत्वपूर्ण पहल की बात कही। उन्होंने कहा कि इस म्यूजियम को सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित न रखकर विश्व मानचित्र पर पहचान दिलाने की जरूरत है। पर्यटकों के बीच इस ऐतिहासिक स्थल को और अधिक लोकप्रिय बनाने तथा देश-विदेश के लोगों को नेताजी के इतिहास और उनके संघर्ष के बारे में जानकारी देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्ताव रखा जाएगा।
स्पीकर रथींद्र बोस ने कहा, “हम नेताजी पर गर्व करते हैं। देश की आजादी में नेताजी की बड़ी भूमिका रही है। उनके बारे में नया कुछ कहने की जरूरत नहीं है। नेताजी को मिटाया नहीं जा सकता है। नेताजी को लेकर कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। यदि किसी ने अन्याय किया है, तो सरकार इस मामले में कार्रवाई करेगी।”
दूसरी ओर, स्पीकर की पहल का नेताजी म्यूजियम के प्रभारी गणेश प्रधान ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि हर दिन बड़ी संख्या में पर्यटक इस म्यूजियम को देखने पहुंचते हैं, लेकिन अभी भी कई पर्यटक इसके स्थान और ऐतिहासिक महत्व से अनजान हैं। इसलिए अधिक से अधिक लोगों तक म्यूजियम की जानकारी पहुंचाने के लिए प्रचार-प्रसार और बुनियादी ढांचे के विकास की जरूरत है।
गणेश प्रधान ने बताया कि म्यूजियम सुबह 10:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक खुला रहता है। विशेष परिस्थितियों में पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्धारित समय के बाद भी म्यूजियम खोलने की व्यवस्था की जाती है।
