सिलीगुड़ी, 2 जून (नि.सं.)। सिलीगुड़ी जंक्शन इलाके में लंबे समय से चल रही ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए प्रशासन ने नया कदम उठाया है। मुख्य सड़क पर वाहनों का दबाव कम करने के उद्देश्य से टोटो (ई-रिक्शा) को सर्विस लेन से चलने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, सोमवार को पुलिस की माइकिंग के बाद टोटो चालकों में भारी भ्रम फैल गया, जिसके चलते विरोध की स्थिति भी बन गई थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, फिलहाल सिलीगुड़ी जंक्शन के पास एसएनटी बस स्टैंड से लेकर मल्लागुड़ी हनुमान मंदिर तक हिलकार्ट रोड के बजाय टोटो को पास की सर्विस लेन से चलने के लिए कहा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य इस इलाके में जाम कम करना और अन्य वाहनों की आवाजाही को सुचारु बनाना है।
लेकिन माइकिंग के बाद कई टोटो चालकों को लगा कि अब नंबर वाले टोटो को भी हिलकार्ट रोड पर चलने की अनुमति नहीं होगी। इसी आशंका के चलते कई चालक विरोध में उतर आए और प्रशासन के फैसले पर नाराजगी जताई।
ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए एक और अहम फैसला लिया गया है। हिलकार्ट रोड पर कोलकाता जाने वाली बसों के यात्रियों को चढ़ाने-उतारने पर रोक लगा दी गई है। अब यात्रियों को जंक्शन के निजी बस स्टैंड से ही चढ़ाने-उतारने की व्यवस्था की गई है। इससे सड़क पर बसों के खड़े रहने से होने वाला जाम काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
इस बीच मंगलवार को मंत्री और सिलीगुड़ी के विधायक शंकर घोष के घर के सामने कुछ युवकों का जमावड़ा देखा गया, जिनमें कुछ टोटो चालक भी शामिल थे। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, वहां आमतौर पर स्थायी सुरक्षा तैनात नहीं रहती, इसलिए इस घटना को लेकर राजनीतिक उद्देश्य या उकसावे की संभावना पर भी चर्चा शुरू हो गई है।
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले ही मंत्री शंकर घोष ने कहा था कि सिलीगुड़ी में कई परिवार टोटो चलाकर अपनी आजीविका चलाते हैं। इसलिए अचानक टोटो संचालन बंद करने का कोई फैसला नहीं लिया जाएगा। प्रशासन ट्रैफिक नियंत्रण और टोटो चालकों की रोजी-रोटी के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
