बागडोगरा, 27 मई (नि.सं.)। सिलीगुड़ी महकमा परिषद के अपर बागडोगरा ग्राम पंचायत में तृणमूल बोर्ड को तोड़ने की कोशिश तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के कुछ पंचायत सदस्यों ने मिलकर बोर्ड के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
बताया जा रहा है कि 25 मई को 13 पंचायत सदस्यों ने नक्सलबाड़ी बीडीओ के पास प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दाखिल किया था।
21 सीटों वाली इस ग्राम पंचायत में तृणमूल कांग्रेस के 11, कांग्रेस के 7, बीजेपी के 2 और आदिवासी विकास परिषद के 1 सदस्य चुने गए थे। बहुमत के आधार पर तृणमूल के संजीव सिन्हा प्रधान बने थे। लेकिन राज्य में बीजेपी सरकार के सत्ता में आने के बाद, असंतुष्ट तृणमूल और कांग्रेस के सदस्य अब इस बोर्ड को हटाने की कोशिश में जुट गए हैं।
एक बागी तृणमूल पंचायत सदस्य कुलभूषण शर्मा ने कहा कि प्रधान ने कोई काम नहीं किया, इसलिए पार्टी या रंग देखे बिना उन्हें हटाने के लिए सभी एकजुट हुए हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम पार्टी लाइन के खिलाफ है या नहीं, इसका फैसला समय करेगा।
वहीं, कांग्रेस पंचायत सदस्य और विपक्षी दल नेता लक्ष्मी थापा ने भी आरोप लगाया कि प्रधान ने कोई विकास कार्य नहीं किया, इसी कारण तृणमूल के 6 और कांग्रेस के 7 सदस्यों ने मिलकर अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है।
दूसरी ओर, प्रधान संजीव सिन्हा ने कहा कि उन्हें अविश्वास प्रस्ताव की जानकारी नहीं है और यह भी नहीं पता कि किसने और क्यों यह कदम उठाया है।
