गाजोलडोबा, 13 जून (नि.सं.)। गाजोलडोबा स्थित ‘भोरेर आलो’ पर्यटन केंद्र के आसपास की हालत बदहाल हो गई है, पूरा इलाका झाड़ियों और जंगल से ढक गया है।
राजगंज ब्लॉक के गाजोलडोबा में स्थित ‘भोरेर आलो’ पर्यटन केंद्र एक समय राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में जाना जाता था। इस पर्यटन केंद्र के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपये का निवेश किया गया था। लेकिन वर्तमान में केंद्र का एक बड़ा हिस्सा झाड़ियों और जंगली पौधों से भर गया है, ऐसी शिकायतें सामने आई हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि लंबे समय से उचित देखरेख के अभाव में इस पर्यटन केंद्र की सुंदरता नष्ट हो रही है। सड़कों और आसपास के क्षेत्रों में घास-फूस और झाड़ियां बढ़ जाने से वहां विभिन्न प्रकार के कीड़े-मकोड़ों का बसेरा बन गया है।
इस संबंध में स्थानीय निवासी एवं भाजपा नेता सुजीत दे ने कहा, “पिछली सरकार के समय इस परियोजना में काफी भ्रष्टाचार हुआ है। पर्यटन केंद्र के आसपास रखरखाव और सफाई के लिए कोई ठोस काम नहीं किया गया। पूरा इलाका झाड़ियों से भर गया है, जिससे यहां आने वाले पर्यटक निराश होकर लौट रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में राज्य के पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी शंकर घोष के पास है, इसलिए जल्द से जल्द इस पर्यटन केंद्र के पुनर्निर्माण, सौंदर्यीकरण और विकास कार्य शुरू किए जाने चाहिए।
स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार गाजोलडोबा के ‘भोरेर आलो’ पर्यटन केंद्र को फिर से आकर्षक बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।
