सिलीगुड़ी,17 अप्रैल (नि.सं.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से पहले सिलीगुड़ी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। 23 अप्रैल को होने वाले मतदान को देखते हुए शहर में केंद्रीय सुरक्षा बलों ने बुलेटप्रूफ गाड़ियों के साथ रूट मार्च किया।
प्रशासन द्वारा सिलीगुड़ी को पूरी तरह सुरक्षा के घेरे में ले लिया गया है। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए शहर के विभिन्न इलाकों में लगातार रूट मार्च किया जा रहा है। इसी क्रम में चंपासारी इलाके में केंद्रीय बलों के जवानों को आधुनिक बुलेटप्रूफ बख्तरबंद गाड़ियों के साथ मार्च करते देखा गया।
यह बुलेटप्रूफ गाड़ियां विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर से मंगाई गई हैं, जिनका इस्तेमाल आमतौर पर अत्यधिक संवेदनशील और संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में किया जाता है। पहली बार बंगाल विधानसभा चुनाव में इन गाड़ियों की तैनाती की गई है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि चुनाव आयोग किसी भी प्रकार की हिंसा को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
रूट मार्च के दौरान प्रधान नगर से लेकर चंपासारी अंचल कार्यालय तक के इलाकों में सुरक्षा बलों ने गश्त की और आम लोगों को निर्भय होकर मतदान करने का संदेश दिया। बुलेटप्रूफ गाड़ियों की मौजूदगी से इलाके में सुरक्षा का माहौल और मजबूत हुआ।
गौरतलब है कि पिछले चुनावों में सिलीगुड़ी और डाबग्राम-फूलबाड़ी क्षेत्र में हिंसात्मक घटनाएं सामने आई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार चुनाव आयोग ने अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए है। संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय बलों की तैनाती के साथ-साथ विशेष बख्तरबंद गाड़ियों को भी शामिल किया गया है।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि 2026 के विधानसभा चुनाव में किसी भी तरह की हिंसा या गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर इन बुलेटप्रूफ गाड़ियों का इस्तेमाल तत्काल कार्रवाई के लिए किया जाएगा।
फिलहाल प्रशासन, पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं और सिलीगुड़ी में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे है।
