सिलीगुड़ी, 25 जून (नि.सं.): करीब 7 वर्ष पुराने हत्या मामले में सिलीगुड़ी महकमा अदालत की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी आनंद उरांव को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
यह मामला वर्ष 2019 का है। विश्वकर्मा पूजा विसर्जन के बाद इलाके में उत्सव का माहौल था। उसी दौरान घर लौटने के बाद मंग्लू उरांव अपने एक रिश्तेदार के घर सो गए थे। आरोप है कि रात में नशे की हालत में आनंद उरांव ने पेड़ की टहनी और लोहे की रॉड से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
हमले में गंभीर रूप से घायल मंग्लू उरांव लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत सिलीगुड़ी जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही प्रधान नगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से हमले में इस्तेमाल पेड़ की टहनी और लोहे की रॉड बरामद की और आरोपी आनंद उरांव को गिरफ्तार कर लिया।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने चार्जशीट अदालत में पेश की। सुनवाई के दौरान प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही और जुटाए गए सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया। इसके बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।इस केस में फास्ट ट्रैक कोर्ट की सरकारी पीपी अनंदिता गुहो ने बताई की 20 सितंबर 2019 की देर रात आनंद उरांव ने मंग्लू उरांव की नशे की अवस्था में बर्बरता से हत्या कर दी थी। वर्ष 2021 से यह मामला उनके फास्ट ट्रैक कोर्ट में आया। जहां पर इस मामले में कुल 22 लोगों की गवाही दर्ज की गई।प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही और जुटाए गए सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया। जिसके बाद न्यायाधीश ने हत्या के मामले में आनंद उरांव को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
