सिलीगुड़ी, 02 जुलाई (नि.सं.)। करोड़ों रुपये के बकाया आयकर की वसूली को लेकर आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कारोबारियों की चार संपत्तियों को अटैच कर दिया है। विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि यदि एक महीने के भीतर बकाया कर जमा नहीं किया गया तो अटैच संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
मिली जानकारी के अनुसार, कारोबारी ओम प्रकाश जायसवाल और उनकी पत्नी पर वित्तीय वर्ष 2011-12 से करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का आयकर बकाया है, जबकि कारोबारी नरेश कुमार वर्मा पर करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है। जुर्माने और ब्याज के बाद दोनों की कुल देनदारी लगभग दोगुनी हो चुकी है।
आयकर विभाग ने बताया कि पिछले कई वर्षों में संबंधित कारोबारियों को कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन बकाया राशि जमा नहीं की गई। इसके बाद कर वसूली शाखा ने उनकी चल और अचल संपत्तियों की जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि ओम प्रकाश जायसवाल के नाम उत्तरायण स्थित लुमिना अपार्टमेंट में दो फ्लैट हैं, जबकि नरेश कुमार वर्मा के नाम चंपासारी स्थित सेरेनिटी अपार्टमेंट में एक फ्लैट और मल्लागुड़ी के टी ऑक्शन रोड क्षेत्र में करीब 64 कट्ठा जमीन दर्ज है।
बुधवार को आयकर विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए इन चारों संपत्तियों को औपचारिक रूप से अटैच कर दिया और संबंधित परिसरों में नोटिस भी चस्पा कर दिया। विभाग ने बकाया कर जमा करने के लिए एक महीने की अंतिम समय सीमा दी है।
विभाग के अनुसार, तय समय के भीतर भुगतान नहीं होने पर अटैच संपत्तियों की नीलामी की जाएगी। इस कार्रवाई को सिलीगुड़ी और आसपास के क्षेत्रों में लंबित कर वसूली मामलों में एक सख्त कदम के रूप में देखा जा रहा है। आयकर विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि टैक्स जमा न करने पर संपत्ति अटैचमेंट और नीलामी जैसी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
