खोरीबाड़ी, 7 जून (नि.सं.)। फर्जी सील दिखाकर बॉर्डर पार करने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। 28 मई को भारत-नेपाल सीमा के पानीटंकी इलाके में थाईलैंड की दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया था। इन पर आरोप है कि वे एक्सपायर्ड वीजा पर फर्जी मुहर (सील) लगाकर सीमा पार करने की कोशिश कर रही थी।
जानकारी के अनुसार, भारत से नेपाल जाते समय सीमा पर दस्तावेजों की जांच के दौरान एसएसबी को उनके पासपोर्ट पर लगी सील संदिग्ध लगी। इसके बाद इमिग्रेशन विभाग में जांच करने पर फर्जी सील की पुष्टि हुई और दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में उनकी मदद करने के आरोप में चार पहिया वाहन के चालक को भी गिरफ्तार किया गया।
जांच के दौरान पुलिस को एक बड़े गिरोह का पता चला है। इस गिरोह के मुख्य आरोपी के रूप में राजस्थान के जितेंद्र मेहरा की तलाश जारी है। इसी कड़ी में अब इमिग्रेशन विभाग के पूर्व ओसी (ऑफिसर-इन-चार्ज) रबी दियाली को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उन्होंने इस गिरोह की मदद की थी।
गिरफ्तार पूर्व पुलिस अधिकारी को आज सिलीगुड़ी महकमा अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस 3 दिन की रिमांड की मांग करेगी। हालांकि, आरोपी का कहना है कि उसे इस मामले में फंसाया जा रहा है।
