पत्नी व बच्चे को घर से निकालने का आरोप पति के खिलाफ, धरने पर बैठी पत्नी

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सिलीगुड़ी, 08 सितंबर (नि.सं.)। 10 महीने के बच्चे और उसकी मां को घर से निकाल देने का आरोप उसके पति व ससुराल वालों के खिलाफ उठे है। यह घटना सिलीगुड़ी के चयनपाड़ा इलाके की है। महिला का नाम लिली दास है। आज महिला ने अपने पति के खिलाफ प्रशासन से कड़ी कार्रवाई करने और उसके बच्चे का भरण-पोषण की जिम्मेदारी उठाने की मांग में धरणा पर बैठ गयी।


जानकरी के अनुसार साल 2019 में नक्सलबाड़ी हाथीघिसा की निवासी लिली की शादी चयनपाड़ा का रहने वाला प्रणोंबेंदु चौधरी के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही लिली के ऊपर उसके पति और ससुराल वाले अत्याचार करते थे। इसके साथ ही कई बार अनेक बहाना बनाकर लिली को मायके भेज दिया जाता था। दो सप्ताह पहले भी लिली को कहा गया कि वो मायके चली जाये।

लिली मायके से ससुराल लौटना चाहती थी, लेकिन उसके पति व ससुराल वाले उसे मना कर रहे थे। लिली दास ने आरोप लगाया है कि उसका पति प्रणोंबेंदु ने पहले भी दो बार शादी किया है। अभी एक महिला का साथ उसका अवैध सम्बंध है। उक्त महिला की एक बेटी भी है। उसने कहा कि इन सभी चीजों को छिपाकर उसके साथ शादी रचायी गयी थी।


वहीं, प्रणोंबेंदु ने लिली को कहा था कि उसका नौकरी छूट चूका है। वो लिली के भरण-पोषण का जिम्मा नहीं ले सकता है। बाद में लिली ने पता लगाया था कि उसके पति झूट बोल रहा है और उसकी नौकरी भी नहीं छुटी है। लिली ने कहा कि उसका पति उसे तलाक देकर अपने ऑफिस के ही किसी स्टाफ से शादी करना चाहता है।

इतना ही नहीं, लिली ने कहा कि उसके पति का जीजा पुलिस में कार्यरत है। इसका फाइदा उठाकर कई बार लिली को धमकी भी दी है। जिसके बाद लिली 15 अगस्त को अशीघर चौकी में एक शिकायत दर्ज करवायी थी। लेकिन, पुलिस की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया गया। आज एक बार फिर उसने न्याय की मांग में पुलिस थाना पहुंची। इसके बाद लिली ने ससुराल के सामने धरना पर बैठ गयी।

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