सिलीगुड़ी, 31 जुलाई (नि.सं.)। पुनर्वास की मांग को लेकर रेलवे की जमीन पर रहने वाले सिलीगुड़ी के वार्ड नंबर-7 के आसपास के निवासियों ने रेलवे प्रशासन को अपने दस्तावेज जमा किए।
शुक्रवार सुबह से ही बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक लंबी कतार में खड़े होकर अपने निवास से संबंधित कागजात जमा करते नजर आए। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और व्यवसायी संगठनों के सदस्य भी उनके समर्थन में मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि रेलवे के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लंबे समय से रेलवे की जमीन पर बसे परिवारों को बेदखली का नोटिस दिया गया है। इसके बाद से ही पुनर्वास की मांग को लेकर आंदोलन शुरू हो गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे कई पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें हटाया गया तो वे गंभीर अनिश्चितता में पड़ जाएंगे।बाद में रेलवे प्रशासन ने आवश्यक दस्तावेज जमा करने का अवसर दिया, जिसके तहत आज वार्ड नंबर-7 क्षेत्र के लोग इस प्रक्रिया में शामिल हुए।
सिलीगुड़ी बृहतर खुदरा व्यवसायी समिति की ओर से भी एक ज्ञापन सौंपा गया। संगठन का कहना है कि इस इलाके में रहने वाले कई लोगों की आजीविका यहीं से जुड़ी है, इसलिए पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना उन्हें हटाना उचित नहीं होगा।
वहीं, सीपीआईएम नेता शरदिंदु चक्रवर्ती ने कहा कि गरीब लोगों के सिर से छत छीनने से पहले उनके पुनर्वास की गारंटी सुनिश्चित करनी चाहिए।
