फूलबाड़ी, 2 जून (नि.सं.)। उत्तर बंगाल के चाय उद्योग के समग्र विकास, बंद और बीमार चाय बागानों की समस्याओं के समाधान तथा श्रमिकों के कल्याण को लेकर मंगलवार को उत्तरकन्या में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में चाय उद्योग की वर्तमान स्थिति, श्रमिकों की समस्याओं और उद्योग के भविष्य को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
इस बैठक में उत्तर बंगाल विकास मंत्री एवं खेल मंत्री निशीथ प्रामाणिक, सांसद राजू बिष्ट, सांसद मनोज तिग्गा, विधायक विशाल लामा समेत अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा टी बोर्ड के अधिकारी और प्रशासनिक प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
बैठक में लंबे समय से बंद और रुग्ण चाय बागानों के भविष्य, श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी गई।
बैठक के बाद सांसद राजू बिष्ट ने कहा कि उत्तर बंगाल के चाय उद्योग का समग्र विकास ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री चाय श्रमिक कल्याण योजना के तहत 1000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। इसमें से असम सरकार ने लगभग 700 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि पूर्व तृणमूल सरकार द्वारा केंद्र को आवश्यक प्रस्ताव नहीं भेजे जाने के कारण करीब 313 करोड़ रुपये अब तक उपयोग नहीं हो पाए हैं।
उन्होंने आश्वासन दिया कि इस राशि का उपयोग जल्द ही चाय बागान श्रमिकों के कल्याण के लिए किया जाएगा। यह धन स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे के विकास में खर्च किया जाएगा।
सांसद ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि कोई भी चाय बागान बंद नहीं रहेगा और जल्द ही सभी बंद बागानों को खोलने की पहल की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ जगहों पर चाय बागानों को बंद कर होटल बनाने की कोशिश हो रही है, जिसे अब नहीं होने दिया जाएगा। चाय बागानों की जमीन पर केवल चाय की खेती ही होगी।
उन्होंने कहा कि चाय श्रमिकों के हितों और उद्योग की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा और आने वाले समय में व्यापक योजना के तहत काम किया जाएगा।
