सिलीगुड़ी, 4 जुलाई (नि.सं.)। रथ यात्रा आते ही भक्ति, आनंद और उत्सव का एक खास माहौल बन जाता है। इस माहौल को और रंगीन बनाने के लिए सिलीगुड़ी के बाजारों में बच्चों के लिए विभिन्न डिजाइन के आकर्षक लकड़ी के रथ पहले ही आ चुके हैं। छोटे सजे-धजे रथ से लेकर बड़े और खूबसूरत रथ तक सब कुछ अब खरीदारों के लिए उपलब्ध है।
अब ज्यादा समय नहीं बचा है। भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा के इस पारंपरिक उत्सव को लेकर पूरे देश में तैयारियां शुरू हो गई है। पुरी की प्रसिद्ध रथ यात्रा के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में, खासकर इस्कॉन और स्थानीय रथ यात्रा समितियों की पहल पर यह त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है। उत्तर बंगाल के प्रमुख शहर सिलीगुड़ी में भी हर साल कई जगहों पर रथ यात्रा का आयोजन किया जाता है।
रथ यात्रा को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखा जाता है। छोटे-छोटे रथ लेकर वे घर के सामने या मोहल्ले की सड़कों पर खुशी-खुशी रथ खींचते हैं—जो इस उत्सव की एक परिचित तस्वीर है।
सिलीगुड़ी के कुछ दुकानों में इस समय विभिन्न प्रकार के सुंदर लकड़ी के रथ बिक रहे हैं। कीमतें भी आम लोगों की पहुंच में है। छोटे रथ की कीमत लगभग 400 रुपये से शुरू होकर बड़े रथ की कीमत 2000 रुपये तक पहुंच रही है। दुकानदारों के अनुसार, अभी त्योहार में कुछ दिन बाकी हैं, फिर भी ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है। उन्हें उम्मीद है कि रथ यात्रा से पहले ही सभी रथ बिक जाएंगे।
