सिलीगुड़ी, 26 अगस्त (नि.सं.)। सिलीगुड़ी जिला अस्पताल को चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह पेपरलेस अस्पताल में बदलने की पहल की जा रही है। बुधवार को रोगी कल्याण समिति की बैठक के बाद राज्य के पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने यह जानकारी दी।
बैठक में डायलिसिस सेवा को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। वर्तमान में सिलीगुड़ी जिला अस्पताल के डायलिसिस विभाग में पांच बेड हैं, जिन्हें बढ़ाकर दस किया जाएगा। इससे किडनी रोगियों को डायलिसिस सेवा मिलने में होने वाली परेशानी और दबाव कुछ कम होने की उम्मीद है।
अस्पताल में पार्किंग की समस्या के समाधान के साथ-साथ मरीजों और उनके परिजनों के लिए बेहतर बुनियादी सुविधाएं विकसित करने को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई है।
इस दौरान जिले के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी और अस्पताल के अधीक्षक के साथ चर्चा कर शंकर घोष ने अस्पताल की भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही अस्पताल के पीडियाट्रिक विभाग को पूरी तरह वातानुकूलित करने की पहल किए जाने की भी बात उन्होंने कही। इससे बच्चों के इलाज का माहौल अधिक आरामदायक और बेहतर होने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, सिलीगुड़ी जिला अस्पताल को और अधिक आधुनिक, तकनीक-आधारित तथा मरीजों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से कई कदम उठाए जा रहे हैं।
