सिलीगुड़ी, 11 जून (नि.सं.)। सिलीगुड़ी के ईस्टर्न बाईपास के पास डंपिंग ग्राउंड के बगल में स्थित ‘हृदय स्पर्श आरोग्य केंद्र’ की बदहाल स्थिति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आवारा कुत्तों के इलाज के लिए नगर निगम द्वारा बनाए गए इस केंद्र की कार्यप्रणाली पर विपक्ष ने गंभीर सवाल उठाए हैं।
गुरुवार को सिलीगुड़ी नगर निगम के विपक्षी नेता अमित जैन समेत बीजेपी के कई पार्षद केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान मुख्य गेट पर लगे ‘विश्व बांग्ला’ लोगो को देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और अधिकारियों को इसे तुरंत हटाने का निर्देश दिया।
केंद्र के अंदर की स्थिति को लेकर भी विपक्ष ने चिंता जताई। उनके अनुसार, पूरे परिसर में गंदगी और कचरे का ढेर लगा हुआ है। मेडिसिन वार्ड में दवाइयों की जगह कचरा पड़ा मिला, जबकि सीसीयू और आईसीयू कक्षों की हालत भी खराब बताई गई। यहां तक कि जहां आवारा कुत्तों को रखा जाता है, वह स्थान भी अस्वच्छ पाया गया।
निरीक्षण के बाद अधिकारियों से बातचीत में पता चला कि महीने में सिर्फ दो दिन कालिम्पोंग से डॉक्टर आकर लगभग 60 कुत्तों का नसबंदी ऑपरेशन करते हैं। इस जानकारी के सामने आने के बाद विपक्ष ने सवाल उठाया कि जब इतने कम इलाज हो रहे हैं, तो नगर निगम द्वारा हजारों कुत्तों के इलाज के दावे कैसे किए जा रहे हैं।
बीजेपी पार्षदों ने इस पूरे मामले में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया। उनका यह भी दावा है कि जब संबंधित रजिस्टर देखने की मांग की गई, तो अधिकारी उसे दिखाने में असमर्थ रहे।
