सिलीगुड़ी, 26 जून (नि.सं.)। सिलीगुड़ी के वार्ड नंबर 41 में सड़क पर कब्जा कर लगभग 9 लाख 17 हजार रुपये की लागत से एक तथाकथित “पार्क” बनाया गया था। लेकिन इस पार्क में केवल एक घेरा और गिने-चुने पेड़ ही थे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बावजूद यह परियोजना सरकारी पैसों की बर्बादी से ज्यादा कुछ नहीं थी। उल्टा, पार्क बनने के बाद थोड़ी सी बारिश में ही इलाके में जलभराव की समस्या बढ़ गई।
शुक्रवार सुबह सिलीगुड़ी नगर निगम के नए कमिश्नर वीर विक्रम राय इस्कॉन मंदिर रोड के पास इलाके का निरीक्षण करने पहुंचे। वहां इस पार्क को देखकर उन्होंने तुरंत इसे तोड़ने का निर्देश दिया। इसके बाद जेसीबी मशीन की मदद से नगर निगम के कर्मचारियों ने पार्क को ध्वस्त कर दिया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिना किसी वास्तविक जरूरत के केवल सौंदर्यीकरण के नाम पर यह पार्क बनाया गया था। इससे सड़क संकरी हो गई और जल निकासी की समस्या भी बढ़ गई। इस मामले में वार्ड 41 की पूर्व पार्षद शिविका मित्तल की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
वहीं, पार्क के पास ही सड़क पर कब्जा कर तृणमूल कांग्रेस का एक पार्टी कार्यालय भी बनाया गया है। नगर निगम सूत्रों के अनुसार, नियमों के तहत नोटिस देने के बाद उस पार्टी कार्यालय के खिलाफ भी जल्द ही कार्रवाई की जा सकती है।
