राजगंज, 17 अप्रैल (नि.सं.)। लोकतंत्र के प्रति अटूट विश्वास और जिम्मेदारी का अनोखा उदाहरण पेश करते हुए लगभग 100 वर्ष की बुजुर्ग मतदाता लक्ष्मी विश्वास ने घर बैठे अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
विधानसभा चुनाव के दौरान राजगंज ब्लॉक के आमबाड़ी इलाके में स्थित उनके घर पर ही चुनाव आयोग की टीम पहुंची और वहीं मतदान प्रक्रिया पूरी कराई गई। उम्र के इस पड़ाव पर भी उन्होंने लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई, जो सभी के लिए प्रेरणादायक है।
चुनाव आयोग द्वारा शुरू की गई ‘होम वोटिंग’ व्यवस्था के तहत 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और कम से कम 40 प्रतिशत दिव्यांगता वाले लोगों को घर से ही मतदान करने की सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा, आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारी भी निर्धारित शर्तों के तहत इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए इच्छुक मतदाताओं को पहले निर्धारित फॉर्म में आवेदन करना होता है। आवेदन स्वीकृत होने के बाद तय तारीख पर चुनाव अधिकारी उनके घर जाकर मतदान कराते हैं। पूरी प्रक्रिया के दौरान पीठासीन अधिकारी, केंद्रीय बल के जवान, एक वीडियोग्राफर और सुरक्षाकर्मी मौजूद रहते हैं, ताकि मतदान निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।
23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान से पहले उत्तर बंगाल के विभिन्न जिलों के साथ जलपाईगुड़ी के राजगंज ब्लॉक में भी यह होम वोटिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। लक्ष्मी विश्वास की भागीदारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में लोगों के अटूट विश्वास का एक शानदार उदाहरण बन गई है।
